दिवाली के अवसर पर आग से बचाव के लिए विशेष सतर्कता अभियान चलाएगा अग्निशमन विभाग
दिवाली के अवसर पर आग से बचाव के लिए विशेष सतर्कता अभियान चलाएगा अग्निशमन विभाग
देहरादून। पुलिस महानिरीक्षक, अग्निशमन एवं आपात सेवा, उत्तराखण्ड श्री मुख्तार मोहसिन द्वारा सभी मुख्य अग्निशमन अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक ली।
बैठक में आगामी *दीपावली एवं अन्य महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान राज्यभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, आतिशबाजी/पटाखों से संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा किसी भी प्रकार की आग की घटना से बचाव हेतु विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश* दिए गए।
श्री मोहसिन ने कहा कि दीपावली पर्व के अवसर पर बाजारों, धार्मिक स्थलों, आवासीय क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर भीड़भाड़ बढ़ जाती है और पटाखों व विद्युत सजावट के अत्यधिक प्रयोग से आग लगने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। इसलिए प्रत्येक जनपद के सभी फायर स्टेशन और इकाइयों को पूर्ण अलर्ट मोड पर रहने, फायर टेंडरों व उपकरणों की तकनीकी जांच सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए।
🔹 अग्नि सुरक्षा के लिए मुख्य निर्देश
सभी मुख्य अग्निशमन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने *जनपदों में अग्नि सुरक्षा निरीक्षण अभियान* चलाएँ और प्रमुख बाजारों, गोदामों, मॉल्स, पटाखा विक्रय स्थलों, धार्मिक स्थलों एवं भंडारण स्थलों में *सुरक्षा मानकों की जांच* करें। विशेष रूप से जहाँ पटाखे बनाए या संग्रहित किए जाते हैं, वहाँ नियमानुसार सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएँ। सभी *फायर हाईड्रेंट का निरीक्षण कर उन्हें कार्यशील* रखा जाए। सभी चयनित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण समय से कर लिया जाए।
अग्निशमन मशीनों व उपकरणों के रख-रखाव, अधिकतम जनशक्ति की उपलब्धता, तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में त्वरित पहुँच मार्ग बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। दीपावली के दौरान अस्थायी आतिशबाजी की दुकान हेतु लाइसेंस निर्गत करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि ज्वलनशील स्थानों या विद्युत ट्रांसफॉर्मर/लाइनों के समीप कोई दुकान न लगाई जाए तथा *व्यापार मंडलों से समन्वय स्थापित कर फायर टेंडर हेतु मार्ग खुला रखा जाए*। सभी जिलों को विस्फोटक नियम, 2008 (नियम 84, 85, 88) तथा उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा अधिनियम, 2016 (धारा 14–18) के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद स्तर पर *दीपावली पर्व के दृष्टिगत एक फायर प्लान तैयार किया जायेगा एवं महत्वपूर्ण संवेनदनशील स्थानों पर दीपावली पर्व से पूर्व ही अग्निशमन यूनिटें नियुक्त रहेंगी*। उन्होनें आमजनता से विशेष सतर्कता बनाये रखने की अपील की, ताकि सभी की दीपावली शुभ एवं सुरक्षित हो।
*आतिशबाजी विक्रय स्थलों हेतु सुरक्षा निर्देश:*
1. विक्रय स्थल पर अन्य सामग्री का विक्रय वर्जित रहेगा।
2. “धूम्रपान निषेध” का स्पष्ट बोर्ड प्रदर्शित हो।
3. मोमबत्ती, पेट्रोमेक्स या कैरोसिन लैम्प का प्रयोग वर्जित रहेगा।
4. विभिन्न प्रकार की आतिशबाजी के केवल दो-दो डिब्बे ही खुले रखें।
5. ज्वलनशील दुकानों से न्यूनतम 50 मीटर दूरी आवश्यक है।
6. पर्याप्त मात्रा में पानी, रेत एवं अग्निशामक यंत्र उपलब्ध रहें।
7. लाइसेंसधारक केवल निर्धारित अवधि में ही क्रय-विक्रय करें।
8. एक लाइसेंस पर एक से अधिक स्थान पर बिक्री वर्जित है।
9. किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या मार्ग अवरोध न हो।
10. बच्चों या अक्षम व्यक्तियों से बिक्री न कराई जाए।
11. संभव हो तो दुकानें खुले मैदानों में लगाई जाएँ और वहाँ फायर टेंडर तैनात रहें।
12. विद्युत वायरिंग ISI/ISO प्रमाणित हो।
13. आपातकालीन नंबर 112, स्थानीय थाना/चौकी व फायर स्टेशन नंबर दुकान पर प्रदर्शित हों।
*आम जनता हेतु अपील एवं सुरक्षा उपाय:*
*मुख्य सुरक्षा उपाय:*
* विद्युत सजावट में घटिया तार या ओवरलोडिंग से बचें।
* खुले स्थानों पर ही पटाखे फोड़ें, बच्चों को अकेले न छोड़ें।
* पटाखों का सीमित उपयोग करें।
* दीयों/मोमबत्तियों को ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
* गैस चूल्हा, सिलेंडर व बिजली के स्विच बंद कर ही बाहर जाएँ।
* आग लगने पर तुरंत 112 पर सूचना दें।
* भवनों व बाजारों में फायर एक्सटिंग्विशर उपलब्ध हों।
* बुजुर्ग, बच्चे और पालतू पशु को धुएँ व शोर से सुरक्षित रखें।
✅ पर्वों के दौरान Do’s & Don’ts
*क्या करें (Do’s):*
1. केवल अच्छी गुणवत्ता के विद्युत तारों व उपकरणों का उपयोग करें।
2. पटाखे खुले स्थानों पर चलाएँ और बच्चों की निगरानी करें।
3. घर, दुकान और कार्यस्थल पर अग्निशामक यंत्र रखें।
4. पटाखों व दीयों को ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
5. आग या दुर्घटना की सूचना तुरंत 112 पर दें।
6. फायर टेंडर के रास्ते खुले रखें।
7. पड़ोसियों और बच्चों को सुरक्षा के बारे में जागरूक करें।
*क्या न करें (Don’ts):*
1. घटिया तारों या ओवरलोडिंग से सजावट न करें।
2. बंद कमरों या भीड़ वाले स्थानों पर पटाखे न फोड़ें।
3. दीयों या मोमबत्तियों को पर्दों, कपड़ों या कागज के पास न रखें।
4. पटाखा दुकानों पर धूम्रपान या खुली बत्ती के लैंप का प्रयोग न करें।
5. बच्चों को पटाखे न दें।
6. फायर टेंडर के रूट पर कोई अवरोध न लगाएँ।
7. बिना लाइसेंस के आतिशबाजी का क्रय-विक्रय न करें।
*मीडिया सेल*
*मुख्यालय अग्निशमन एवं आपात सेवा*
*उत्तराखण्ड, देहरादून।*

