उत्तराखंड

SIR में बड़ी प्रगतिः 11.90 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 5.47 लाख नोटिस जारी, 3.95 लाख की सुनवाई संपन्न

जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति साझा करते हुए पारदर्शिता के लिए राजनीतिक दलोें से सहयोग की अपील की।

जिलाधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 क मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण में विसंगतियां मिलने और उसका विवरण उपलब्ध न कराए जाने पर 21 अगस्त तक बीएलओ के माध्यम से 547617 लोगों को नोटिस जारी किए गए है। इसमें से 395772 लोगों की सुनवाई पूरी हो चुकी है और जबकि 152170 लोगों की सुनवाई जारी है।

जिलाधिकारी ने बताया कि 21 अगस्त तक जिले में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए 39,025 नागरिकों ने प्रारूप-6 में आवेदन किया है। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 में 10,235 दावे/आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जबकि मतदाता सूची में विवरण संशोधन के लिए 10,718 नागरिकों ने प्रारूप-8 में आवेदन प्रस्तुत किए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त सभी आपत्तियों पर संबंधित बीएलओ द्वारा संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के सात दिन बाद ही सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। जिलेभर में बूथवार आयोजित होने वाले इन शिविरों में जिस मतदाता के विरुद्ध आपत्ति दर्ज की गई है और आपत्तिकर्ता, दोनों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद में 96187 मतदाता ऐसे है जिनका नाम यूपी और उत्तराखंड दोनों राज्यों में है। ऐसे मतदाताओं को स्वेच्छा से एक राज्य का चुनाव करने का अवसर दिया जाएगा। बीएलओ द्वार घर-घर जाकर इन सभी डीएसई वोटर को इस संबंध में जानकारी देकर उनके स्वेच्छा के अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि जिन नागरिकों को नोटिस तामील किए जाएंगे, उन्हें अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से संबंधित बूथ तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि सभी दावे एवं आपत्तियों का निष्पक्ष, प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 में मिथ्या घोषणा प्रस्तुत करने वालों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ हर्षिता, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली सहित बीजेपी के अरविंद जैन, बीएसपी से सतेन्द्र सिंह, कांग्रेस के डॉ. जसविंदर सिंह, आम आदमी पार्टी के अशोक सेमवाल, कमल राणा सहित वर्चुअल माध्यम से विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।